Nazrana
नज़राना पेश करें
अगर कोई शेर, ग़ज़ल या नज़्म दिल को छू जाए और आप ज़ान फ़रज़ान को नज़राना पेश करना चाहें, तो UPI के ज़रिए अपनी मर्ज़ी की रक़म भेज सकते हैं। यह पूरी तरह ऐच्छिक है — आपका पढ़ना और पसंद करना ही सबसे बड़ा सिला है।
kfarzan476@okhdfcbank
मोबाइल पर यह सीधे Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप में खुल जाएगा। डेस्कटॉप पर QR कोड स्कैन कीजिए।